Please wait
वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए Sudhir wins historic अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रेड रोड में भव्य आयोजन, पीएम मोदी बोले - योग मानव चेतना से जुड़ने का जरिया Sudhir wins historic झारखंड राज्यसभा चुनाव: झामुमो के बैद्यनाथ राम और निर्दलीय परिमल नथवानी विजयी Sudhir wins historic फलता हिंसा पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, बोले- कोई कानून हाथ में न ले, हमलावरों की संपत्ति भी होगी जब्त Sudhir wins historic वरिष्ठ तृणमूल नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा गिरफ्तार Sudhir wins historic फुटपाथ पर मुड़ी-घुघनी खाते दिखे मंत्री शंकर घोष Sudhir wins historic पारसी फायर टेम्पल से हटेगा अवैध कब्जा Sudhir wins historic ममता बनर्जी को एक और झटका, पूर्व मंत्री मानस भुइयां ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ी Sudhir wins historic असम में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए सीधे आधार नहीं : डॉ. हिमंत बिस्व सरमा Sudhir wins historic असम के जोरहाट में वायु सेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त, पांच जवान बलिदान Sudhir wins historic

बनगांव में सीएए से आसान हुई बीजेपी की राह, या तृणमूल लगा पाएगी सेंध?

इस 18 सीट में से एक सीट भारत-बांग्लादेश की सीमा पर स्थित उत्तर 24 परगना और नदिया जिले का बनगांव लोकसभा सीट है। इस सीट पर मतुआ समुदाय के लोगों का प्रभाव है

18 Mar 2024

बनगांव में सीएए से आसान हुई बीजेपी की राह, या तृणमूल लगा पाएगी सेंध?

कोलकाता। बंगाल और बांग्लादेश की सीमा पर उत्तर 24 परगना जिले में स्थित बनगांव लोकसभा संसदीय क्षेत्र सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से काफी समृद्ध माना जाता है। साल 1947 में देश की स्वतंत्रता और बाद में 1971 में बांग्लादेश स्वतंत्रता संग्राम के दौरान काफी संख्या में हिंदू शरणार्थी बांग्लादेश से भारत आये थे। ये हिंदू शरणार्थी उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव इलाके में बस गये हैं। इस कारण बनगांव और उसके आसपास के इलाके में बांग्लादेशी से आये हिंदू शरणार्थियों का प्रभाव है। इन शरणार्थियों में बड़ी संख्या में मतुआ समुदाय है। संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित हो चुका है और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएए को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इन्हीं परिस्थितियों में फिर से लोकसभा चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में चुनाव पर सीएए का प्रभाव देखने को मिल सकता है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य में पहली बार 42 सीटों में से 18 सीटों पर जीत हासिल कर सभी कों चौंका दिया था। इस 18 सीट में से एक सीट भारत-बांग्लादेश की सीमा पर स्थित उत्तर 24 परगना और नदिया जिले का बनगांव लोकसभा सीट है। इस सीट पर मतुआ समुदाय के लोगों का प्रभाव है।

मतुआ समुदाय के समर्थन पर ही उम्मीदवारों की जीत और हार तय होती है। साल 2019 के चुनाव के पहले बीजेपी ने मतुआ समुदाय को नागरिकता देने का वादा किया और परिणाम साफ था। बीजेपी के उम्मीदवार और मतुआ समुदाय के नेता शांतनु ठाकुर विजयी हुए और फिलहाल वह केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री हैं। बीजेपी ने फिर से उन्हें उम्मीदवार बनाया है, जबकि टीएमसी ने बिश्वजीत दास को उम्मीदवार बनाया है। 
मतुआ मतदाताओं का है दबदबा: मतुआ समुदाय का बंगाल के चार जिले नादिया, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और पूर्वी बर्दवान पर बड़ा प्रभाव है और लगभग एक चौथाई सीटों को वे प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। बात दें कि साल 1971 के बाद के लोगों को भारत की नागरिकता मिली है, लेकिन मतुआ, राजवंशी इसमें शामिल नहीं हैं। बांग्लादेश से आने पर इन्हें दंडकारयण, उड़ीसा, अंडमान भेज दिया गया था और अब इन्हें केंद्र सरकार नागरिकता देने की पहल की है। साल 2011 की जनगणना के अनुमान के अनुसार, कुल 2081665 में से जनसंख्या, 75.72' ग्रामीण और 24.28' शहरी जनसंख्या है। अनुसूचित जाति (एससी) और कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजाति का अनुपात क्रमश: 42.56 और 2.8 है। साल 2021 की मतदाता सूची के अनुसार, इस निर्वाचन क्षेत्र में 15,40,713 मतदाता और 2425 मतदान केंद्र हैं। 
चुनावी इतिहास : साल 2009 में बनगांव लोकसभा क्षेत्र का गठन हुआ। बागदा, बनगांव उत्तर, बनगांव दक्षिण, गायघाटा ये सभी विधानसभा क्षेत्र बारासात लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा थे। गोबिंदा चंद्र नस्कर इस निर्वाचन क्षेत्र के पहले निर्वाचित सांसद थे। वह चार अलग-अलग कार्यकालों में पश्चिम बंगाल विधान सभा के सदस्य भी रहे। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी के कपिल कृष्ण ठाकुर ने 42.94 फीसदी मत हासिल कर जीत हासिल की।

उन्होंने माकपा के देवेस दास को हराया था। लेकिन एक साल के अंदर ही उनका निधन हो गया। उसके बाद साल 2015 में लोकसभा उपचुनाव हुए तो टीएमसी की उम्मीदवार ममता ठाकुर ने फिर से माकपा के देवेश दास को पराजित किया। साल 2019 में भाजपा के शांतनु ठाकुर ने टीएमसी की ममता ठाकुर को हराकर बनगांव लोकसभा क्षेत्र में 1,11,594 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। शांतनु ठाकुर को 6,87,622 वोट मिले। 2019 के संसदीय चुनाव में मतदाता मतदान 82.64' था, जबकि 2014 के संसदीय चुनाव में यह 83.36' था। 2019 के संसदीय चुनाव में टीएमसी, बीजेपी, सीपीएम और कांग्रेस को क्रमश: 40.92', 48.85', 6.4' और 1.61' वोट मिले, जबकि टीएमसी, बीजेपी, सीपीएम और कांग्रेस को 42.94', 19.07' वोट मिले। साल 2014 के संसदीय चुनाव में क्रमश: 31.52' और 3.42' में क्रमश: वोट मिले। 
भाजपा का हैं दबदबा, 7 में से 6 विधानसभा सीट जीते : बनगांव लोकसभा केंद्र में सात विधानसभा सीट स्वरूपनगर, बनगांव उत्तर, कल्याणी, बागदा, हरिनघाटा, गायघाटा , बनगांव दक्षिण शामिल हैं। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इनमें से छह सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि एक सीट पर टीएमसी ने जीत हासिल की है। कल्याणी एससी से भाजपा के विधायक अंबिका रॉय, हरिनघाटा एससी से भाजपा विधायक असीम कुमार सरकार, बागदा एससी से भाजपा विधायक विश्वजीत दास, बनगांव उत्तर एससी से भाजपा विधायक अशोक कीर्तनिया, बनगांव दक्षिण एससी से भाजपा विधायक स्वपन मजूमदार, गायघाटा एससी से भाजपा विधायक सुब्रत ठाकुर और स्वरूपनगर एससी से टीएमसी विधायक बीना मंडल हैं।  
2019 का रिजल्ट
भाजपा: 6,87,622
तृणमूल: 5,76,028
माकपा: 90,122
2021 का रिजल्ट
कल्यणी: भाजपा
हरिनघाटा: भाजपा
बागदा: भाजपा
बनगांव उत्तर: भाजपा
बनगांव दक्षिण: भाजपा
गायघाटा: भाजपा
स्वरूपनगर: तृणमूल
मतदाता: 15,40,713
पुरूष मतदाता: 7,96,650
महिला मतदाता: 7,44,063
मतदान केन्द्र: 2425
2024 के उम्मीदवार
भाजपा: शांतनु ठाकुर
तृणमूल: विश्वजीत दास
 

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories







Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News